वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
शीर्ष अधिकारियों ने एक सुर में जनता और न्यायिक बिरादरी से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या अनावश्यक डर का शिकार न हों
कोलकाता। बंगाल की विभिन्न अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद राज्य प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। मंगलवार राज्य की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती ने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार न्यायाधीशों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि न्यायाधीश अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं और उनके कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा या भय का माहौल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंगलवार दोपहर सचिवालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय प्रेस ब्रीफिंग में मुख्य सचिव के साथ गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीणा, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पीयूष पांडे और कोलकाता के पुलिस आयुक्त सुप्रतिम सरकार मौजूद थे।
शीर्ष अधिकारियों ने एक सुर में जनता और न्यायिक बिरादरी से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या अनावश्यक डर का शिकार न हों। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सभी महत्वपूर्ण ठिकानों पर सुरक्षा के अतिरिक्त प्रबंध किए गए हैं। धमकी के तार सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार चल रही मतदाता सूची के एसआईआर प्रक्रिया से जोड़कर देखे जा रहे हैं, जिसमें कई जिला जज और न्यायिक अधिकारी मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। इस पर मुख्य सचिव ने भरोसा दिलाया कि न्यायिक अधिकारियों को हर संभव सुरक्षा और सहयोग प्रदान किया जाएगा ताकि एसआईआर जैसा संवेदनशील कार्य निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।